
Himachal Pradesh
पलक झपकते बह गए 6 मकान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी पर पहले जोरदार धमाका हुआ और फिर पानी-मलबे का सैलाब आबादी की ओर आ गया।
– 6 मकान पूरी तरह बह गए
– कई अन्य घरों में मलबा घुस गया
– 8 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुईं
– कई पालतू मवेशी बाढ़ में बह गए
गनीमत रही कि ग्रामीणों ने खतरे को भांपकर समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली। अपनी आंखों के सामने घरों को तिनके की तरह बहते देख लोग दहशत में हैं। अब पहाड़ी से सटे घरों के लोग अपना घर छोड़कर खुले स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।
लैंडस्लाइड से रुका रेस्क्यू, SDRF मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही कांगड़ा प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। SDRF की टीमों को राहत कार्य के लिए बुलाया गया है। SDM शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह खुद टीम के साथ मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। लेकिन डिब्बा और मानेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण सड़क बंद होने से रेस्क्यू टीमों को पहुंचने में दिक्कत आ रही है।
प्रशासन की अपील: नदी-नालों से दूर रहें
SDM ने पुष्टि की कि प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
एडवाइजरी जारी: लगातार बारिश से नदी-नालों में पानी का बहाव बेहद तेज है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोई भी नदी-नाले के पास न जाए और सुरक्षित स्थानों पर रहे।
Awaz E Bharat का मत
हर साल मानसून में पहाड़ इसी तरह रोते हैं। 6 घर उजड़ गए लेकिन 6 परिवार बच गए – यही सबसे बड़ी राहत है। अब सरकार और प्रशासन का फर्ज है कि पीड़ितों को तुरंत मुआवजा और पक्का आश्रय दिया जाए।
आप प्रार्थना करें कि मौसम जल्द ठीक हो और राहत कार्य तेज हो।
वीडियो/फोटो है तो भेज दीजिए, हम उसे भी लोगों तक पहुंचाएंगे। सुरक्षित रहें 🙏
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